राजधानी लखनऊ में ब्रांज कास्टिंग कार्यशाला का हुआ समापन !

कला एवं शिल्प महाविद्यालय में ब्रांज कास्टिंग कार्यशाला का समापन। 13 से 22 अप्रैल तक चली इस कार्यशाला में 10 स्टूडेंट्स ने प्रशिक्षण लिया।

लखनऊ। 22 अप्रैल कला एवं शिल्प महाविद्यालय के मूर्तिकला विभाग में ब्रांज कास्टिंग कार्यशाला का समापन हुआ। कार्यशाला के समापन पर महाविद्यालय के प्रिंसीपल आलोक कुशवाहा, पूर्व प्रिंसिपल धर्मेंद्र कुमार, राज्य ललित कला अकादमी यूपी के अध्यक्ष व सीनियर लेक्चरर लालजीत अहीर सहित शिविर के प्रतिभागी स्टूडेंट्स शामिल रहे। आलोक कुमार कुशवाहा ने बताया कि, मई में मूर्तिशिल्पों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। कार्यशाला में मूर्तिकला विभाग के एलुमिनाई व मौजूदा स्टूडेंट्स सूरज वर्मा, महेश चतुरंगा, अजय कुमार, अरुणेश, विवेक, कृष्णकान्त,जयनारायण सहित अन्य स्टूडेंट्स शामिल थे।

कार्यशाला निर्देशक लालजीत अहीर ने बताया कि, 13 से 22 अप्रैल तक चली इस कार्यशाला में 10 स्टूडेंट्स ने प्रशिक्षण लिया। जिसमें ब्रॉन्ज में ढली 15 व इन्ही स्टूडेंट्स की टेराकोटा में गढ़ी 65 मूर्तिशिल्पों पकाकर तैयार किया गया। अब इन मूर्तियों की आगे के चरण में फिनिसिंग होगी। प्रदर्शनी लगेगी। प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र और उनकी तैयार मूर्तियां दे दी जाएंगी। ये कार्यशाला कला महाविद्यालय में 28 वर्षों बाद शुरू हुई।

मूर्तिकला विभाग में मेटल कास्टिंग विषय की पढ़ाई होती है। लेकिन प्रेक्टिकल पूर्ण रूप से नहीं कराया जाता है। जिसमें मेटल कास्टिंग प्रोसेस को छोड़ दिया जाता है। लालजीत अहीर ने कुलपति आलोक कुमार राय का आभार जताया। कहा कि उन्हीं की प्रेरणा से यह कार्यशाला हुई। जिसमें 10 दिनों में टेराकोटा और ब्रांज की लगभग 80 मूर्तिशिल्प तैयार हुए हैं।

 

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